Question
आचार्य भरतमुनि ने
नाटक में ‘अभिनय’ को किस वेद से लिया गया माना है।Solution
परिचय-भरतमुनि ने अपने नाट्य-शास्त्र में लिखा है कि ब्रह्माजी ने ऋग्वेद से ‘संवाद’, सामवेद से ‘संगीत’, यजुर्वेद से ‘अभिनय तथा वेद से रस के तत्वों को लेकर नाट्यवेद के नाम से पंचम वेद की रचना की।
'आवश्यक' में प्रत्यय है
‘पहाड़’ का तत्सम होगा
लिंग के आधार पर असंगत शब्द-युग्म है :
इत्यादि संकेतक चिह्न है .
ए, ऐ, ओ, औ कौन सा स्वर है ?
निम्नलिखित में से “चन्द्र” का पर्यायवाची नहीं है—
“अवधी” किस अपभ्रंश से विकसित हुई है?
' साँप छिपा है ' मुहावरे का सही अर्थ है:
'श्यामसुंदर' में समास है
कौन-सा शब्द शुद्ध नहीं है