Question

निम्नलिखित उद्धरण पर विचार कीजिए: “ मनुष्यों की मुक्ति की तरह कविता की भी मुक्ति होती है। मनुष्यों की मुक्ति कर्म के बंधन से छुटकारा पाना है। और कविता की मुक्ति छन्दों के शासन से अलग होजाना है।" हिंदी कविता में मुक्तछन्द के प्रवर्तन के बारे में उपर्युक्त विचार किसने व्यक्त किया था ?

A निराला
B रामविलास शर्मा
C भवानीप्रसाद मिश्र
D नामवर सिंह
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