📢 Too many exams? Don’t know which one suits you best? Book Your Free Expert 👉 call Now!

  • google app store apple app store

    • Question

      नीचे दो कथन दिए गए

      हैं: कथन I: भरत मुनि ने 'नाट्यशास्त्र' में कुल आठ रसों का वर्णन किया है। कथन II: रस के चार प्रमुख अवयव माने गए हैं- स्थायी भाव, विभाव, अनुभाव एवं व्यभिचारी अथवा संचारी भाव। उपर्युक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:
      A कथन I और II दोनों सत्य हैं Correct Answer Incorrect Answer
      B कथन I और II दोनों असत्य हैं Correct Answer Incorrect Answer
      C कथन I सत्य है, लेकिन कथन II असत्य हैं Correct Answer Incorrect Answer
      D कथन I असत्य है, लेकिन कथन II सत्य हैं Correct Answer Incorrect Answer

      Solution

      कथन I सत्य है: भरत मुनि ने 'नाट्यशास्त्र' में कुल आठ रसों का वर्णन किया है। ये रस हैं: श्रृंगार, हास्य, करुण, रौद्र, वीर, भयानक, बीभत्स, और अद्भतु । कथन II सत्य है: रस के चार प्रमुख अवयव होते हैं: 1. स्थायी भाव (Permanent emotion) 2. विभाव (Determinants) 3. अनुभाव (Consequent emotion) 4. व्यभिचारी भाव (Transitory emotions) इन अवयवों का उपयोग किसी भी रस को प्रकट करने के लिए किया जाता है।

      Practice Next

      Relevant for Exams:

      ask-question