Question
जब क्रिया का प्रधान
कर्त्ता होता है, तो कौन-सा वाच्य होः है ?Solution
कर्तृवाच्य क्रिया के उस रूपान्तर को कर्तृवाच्य कहते हैं, जिससे वाक्य में कर्ता की प्रधानता का बोध हो। सरल शब्दों में, क्रिया के जिस रूप में कर्ता प्रधान हो और सकर्मक और अकर्मक दोनों क्रियाए हो, उसे कर्तृवाच्य कहते हैं।
क्रिया के जिस रूप में कर्म प्रधान हो, उसे कर्मवाच्य कहते हैं या जहाँ क्रिया का संबंध सीधा कर्म से हो तथा क्रिया का लिंग तथा वचन कर्म के अनुसार हो, उसे कर्मवाच्य कहते हैं। मीरा ने दूध पीया। मीरा ने पत्र लिखा।
क्रिया के उस रूपान्तर को भाववाच्य कहते हैं, जिससे वाक्य में क्रिया अथवा भाव की प्रधानता का बोध हो। दूसरे शब्दों में- क्रिया के जिस रूप में न तो कर्ता की प्रधानता हो न कर्म की, बल्कि क्रिया का भाव ही प्रधान हो, वहा भाववाच्य होता है। मोहन से टहला भी नहीं जाता। मुझसे उठा नहीं जाता।
निम्नलिखित विकल्पों में से Power शब्द का कौन सा पर्याय न...
इनमें से 'ऊष्म' वर्ण कौन-सा है?
'दोहरा लाभ' के अर्थ के लिए उपयुक्त लोकोक्ति क्या है?
निम्न में से कौन-सा शब्द शुद्ध है?
वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध शब्द है -
निम्नलिखित में से कौन सा शब्द नृप का प्रयायवाची नहीं...
किसी भी बात को जानने की इच्छा वाक्य हेतु उपयुक्त शब्द क्या...
'उज्ज्वल' का सही संधि- विच्छेद हैः
वह सारा दिन कंबल _______ रहा। रिक्त स्थान के लिए उपयुक्त शब�...
शुद्ध वर्तनी वाला शब्द है-