Question
'काव्य की शोभा
बढ़ानेवाले धर्मों को अलंकार कहते हैं।' इस उक्ति में प्रयुक्त 'धर्म' शब्द का क्या अर्थ है?Solution
इस उक्ति में प्रयुक्त ' धर्म ' शब्द का अर्थ है " गुण " या " विशेषता " । यहां ' धर्म ' से तात्पर्य काव्य के ऐसे गुणों से है जो उसकी शोभा , प्रभाव और सौंदर्य को बढ़ाते हैं। अलंकार वे विशेषताएँ या गुण होते हैं जो काव्य में विविधता और सुंदरता लाते हैं , जैसे अनुप्रास , रूपक , उपमा आदि। इसलिए , ' धर्म ' शब्द का मतलब इस संदर्भ में काव्य के वो गुण हैं जो उसे प्रभावशाली और आकर्षक बनाते हैं।
अनुच्छेद 120 के अनुसार संसद में किस भाषा में सरकारी कामक...
कर्म-कारक का विभक्ति चिहन है
'अध्यापक शब्द का सही स्त्रीलिंग क्या होता है
विधानमंडल में प्रयोग होने वाली भाषा का प्रावधान संविधान �...
'उग्र' का विलोम होगा:
निम्नलिखित प्रश्न में , चार विकल्पों में से , उस विकल्प का �...
'जिसकी पूर्व से कोई आशा न हो' वाक्यांश के लिए उपयुक्त शब्द ह...
'आगे नदिया पड़ी अपार घोड़ा उतरे कैसे पार । राणा ने सोचा इस �...
कूलन में केलि में कछारन में कुंजन में क्यारिन में कलित कली...
सूची- I को सूची – II में सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए �...