Question

कृषि कार्य को आध्यात्म और समन्वित श्रेष्ठ स्वरूप में उपस्थित किया गया है, परन्तु आज के वैज्ञानिक युग में कृषि कर्म के महत्त्व को गिरा दिया है और नौकरी को प्राथमिकता दी जा रही है लेकिन अत्यन्त दुःख की बात तो यह है कि कृषक स्वयं ही अपने कर्म को निकृष्ट और निम्नकोटि का जानने लगा है।

निम्नलिखित प्रश्न में एक अर्थ पूर्ण वाक्य को चार भागों A, B, C और D  में विभाजित किया गया है और इन चार भागों के क्रम को अव्यवस्थित किया गया है आपको इन चार भागों को प्रासंगिक और व्याकरणिक  रूप से सार्थक वाक्य बनाने के लिए व्यवस्थित करना होगा यदि दिए गए वाक्य खंड पहले से व्यवस्थित है तो अपने उत्तर के रूप में E चिन्हित करें अर्थात कोई पुनर्व्यवस्था आवश्यक नहीं है। 
A निकृष्ट और कोटि का मानने लगा है।
B निकृष्ट और निम्नकोटि का मानने लगा है।
C निडर और निम्नकोटि का मानने लगा है।
D निकृष्ट और सम्मानित का मानने लगा है।
E “परिवर्तन की आवश्यकता नहीं है"
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